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Sunday, March 3, 2019

दिग्गी मांगे एयर स्ट्राइक के सबूत, जैश बोला तबाह हो गए सारे तालीमी ठिकाने



यह मानना पड़ेगा कि भारत में जिस तरह की राजनीति है, उसी से देश में आतंकवाद और अलगावादी को पनाह मिलता है। कांग्रेस अपनी दिखावटी मुसलिम प्रेमी वोटबैंक राजनीति से अपने को अलग नहीं कर पा रही है। मप्र में सत्ता में लौटने के बाद दिग्विजय सिंह एक बार फिर से मुखर हो गए हैं। वे एयर स्ट्राइक के सबूत मांग अपने कांग्रेसी-वामपंथी पत्रकारों के मुद्दे को आगे बढ़ा रहे हैं। लेकिन, जैश ने अपने ऑडियो में साफ किया है कि उसका कैंप तबाह हो गया है और बड़ा नुकसान हुआ है।”     


चुनाव के समय ही नहीं, अलग दिनों में भी कांग्रेस की नीति अपने ‘वोट बैंक’ को अड्रेस करने की रही है। यह राजनीतिक सच्चाई है कि जैसे कांग्रेस गांधी परिवार के बिना कुछ नहीं है वैसे ही वह अपनी ‘वोट बैंक’ की नीति के बगैर भी कुछ नहीं है। इस आधार पर जब  बीजेपी की राजनीतिक सफर का मुआयना करें, तो स्पष्ट है कि इस पार्टी ने देश भर में अपना जनाधार व्यापक स्तर पर हर वर्ग-जाति और धर्म तक बढ़ाई है। कांग्रेस अपने इसी कोर नीति के तहत किसी भी मौके पर अपनी राजनीति नहीं छोड़ पाती है। एकबार पिर कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने मोदी सरकार पर हमला कर एयर स्ट्राइक का सबूत मांगा है। इससे पहले ममता बनर्जी भी इसपर सवाल उठा चुकीं हैं।

दिग्विजय और ममता के सवालों के बीच जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी द्वारा जारी एक ऑडियो मैसेज में कहा गया है कि भारतीय लड़ाकू विमानों ने बालाकोट स्थित उसके ट्रेनिंग कैम्प को निशाना बनाया है, जिसमें बड़ा नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि ऑडियो में मौलाना अम्मार की आवाज है, जो कि जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर का भाई है।

इंटेलिजेंस एजेंसियों ने साफ किया है कि ‘ऑडियो मैसेज को फ्रांस निवासी एक पाकिस्तानी पत्रकार ने ट्वीट किया है, जिसका सत्यापन हो चुका है।

इस ऑडियो मैसेज में अम्मार ने कहा कि, ‘सीमा पार कर एक इस्लामिक देश में घुसकर और मुस्लिम स्कूलों (मदरसा) में बम से हमला कर दुश्मनों ने जंग का ऐलान कर दिया है। इसीलिए, अब तुम भी अपने हथियार उठाओ और उन्हें दिखा दो कि जिहाद सिर्फ एक बंधन है या एक दायित्व।’ अधिकारियों का दावा है कि यह संदेश बालाकोट में हवाई हमले के दो दिन बाद बनाया गया और फिर इसे पेशावर स्थित मदरसा सनान बिन सलमा में आतंकियों को सुनाया गया।

दिग्विजय सिंह झूठ बोल रहे हैं कि जैसे अमेरिका ने एबटाबाद में ओसामा के मारने का वीडियो रिलिज किया है। कई साल बाद बी अमेरिका ने ऐसा कोई वीडियो जारी नहीं किया है। वर्षों बाद बस थोड़ी सी यह जानाकारी दी गई थी और वह भी सैन्य रणनीति का खुलासा न हो, इसे ध्यान में रखते हुए। भारतीय सुरक्षा व सैन्य एजेंसियां अपनी रणनीतिक खुलासे का ध्यान रखते हुए इसपर निर्णय लेंगी कि उन्हें इस बारे में कोई वीडियो जारी करनी है या नहीं। लेकिन कोई नेता इस तरह से सबूत मांगे तो वह देश की सुरक्षा रणनीति को सार्वजनिक कर दुश्मन को लाभ पहुंचाने का प्रयास है। ये वही दिग्विजय सिंह है जो जाकिर नाइक के मंच पर जाकर उसे शांति दूत बताते हैं और कांग्रेस के 10 साल के शासनकाल में जाकिर नाइक को बढ़ावा दिया गया और वह आंतकी व कट्टरवादी गतिविधियां बिना रोक-टोक चलाता रहा। चार साल से ज्यादा समय से देश से भागा हुआ है, शायद इस इंतजार में कि कांग्रेस का शासन आए तो वह कांग्रेस की सरपरस्ती में भारत लौट सके और अपनी देश विरोधी गतिविधियों का फिर से अंजाम दे सके। उसी तरह से पाकिस्तान भी चाहता है कि देश में कांग्रेस की सरकार बने।

उल्लेखनीय है कि 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान स्थित बालाकोट में जेश के आतंकी कैंपों पर बमबारी कर उसे तबाह कर दिया था। सेना के मुताबिक, हमले में बड़ी संख्या में आतंकवादी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर और जिहादी मारे गए थे। विदेश सचिव विजय गोखले ने भी कहा था कि पाकिस्तान स्थित आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद के बालाकोट में मौजूद सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर पर खुफिया सूचनाओं के बाद कार्रवाई की गई थी जो जरूरी थी। शिविर में कम से कम 325 आतंकवादी और 25 से 27 प्रशिक्षक मौजूद थे।

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