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Thursday, March 14, 2019

चीन के अड़ंगे के बाद भी मसूद अजहर घोषित होगा अंतराष्ट्रीय आतंकवादी, यूएन उठायेगा ये कदम

चीन ने फिलहाल मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव सेंक्शन कमिटी में अटकाया है, जो कि 1999 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के रेजुलेशन 1267 के तहत बनी हुई कमिटी है। यह कमिटी आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करती है। अब भारत सेंक्शन कमिटी के ऊपर सिक्योरिटी काउंसिल में जा सकता है और यहां 15 में से अगर 9 सदस्य देश किसी प्रस्ताव के पक्ष में वोट करते हैं तो उसपर फैसला किया जा सकता है। भारत के दुश्मन नंबर एक जैश सरगना आतंकी मसूद अजहर को चीन ने एक बार फिर ग्लोबल आतंकी की लिस्ट में शामिल होने से बुधवार को बचा लिया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन मसूद अहजर के खिलाफ सबूतों के अभाव की बात कहते हुए चौथी बार अपने वीटो का प्रयोग किया। चीन ने अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों के प्रस्ताव को होल्ड पर रखने की बात कही। भारत ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। वीटो अधिकार प्राप्त देश चाहते हैं  कि चीन अपनी टेक्निकल रोक हटालें, ताकि वीटो का अस्तित्व बना रहे है वरना सुरक्षा परिषद में उसके वीटो का प्रभाव ही खत्म हो जायेगा।

मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने को लेकर लाए गए प्रस्ताव पर चीन ने बुधवार को अड़ंगा लगा दिया। चीन ने चौथी बार इस तरह के प्रस्ताव पर अड़ंगा लगाया है। बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 कमेटी से मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कराने के लिए प्रस्ताव लेकर आए थे। चीन के विरोध के बावजूद मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करना संभव है, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद  के 9 सदस्यों की सहमति अगर मिल जाती है तो संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 27 के मुताबिक मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने पर फैसला हो सकता है। इसका साफ मतलब है कि अगर सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों में से 9 सदस्य देशों ने साथ दिया तो चीन के फैसले की कोई अहमियत नहीं रह जाएगी। इस प्रकिया को अफरमेटिव एक्शन कहते हैं।
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