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Wednesday, March 13, 2019

केजरीवाल की कांग्रेस से फरियाद, दिल्ली में ना सही कम से कम हरियाणा में ही कर लो गठबंधन


कांग्रेस की प्रदेश इकाई और आलाकमान द्वारा दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को कई बार नकार दिए जाने के बाद अब अरविंद केजरीवाल ने भी दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन की सारी कवायद खत्म कर दी है। इसी मसले पर जवाब देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें दिल्ली में कांग्रेस की जरूरत नहीं है। केजरीवाल का दावा है कि दिल्ली में अब आम आदमी पार्टी सातों सीटें अकेले अपने दम पर जीत सकती है, ऐसे में अब कांग्रेस के साथ वह गठबंधन की कोई कोशिश नहीं करेंगे।


वहीं आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर राहुल गांधी से गठबंधन की गुजारिश की है। अरविंद केजरीवाल ने इस बार दिल्ली के लिए नहीं बल्कि हरियाणा में हाथ मिलाने की बात कही है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के लोग अमित शाह और मोदी जी की जोड़ी को हराना चाहते हैं। अगर हरियाणा में जेजेपी, आप और कांग्रेस साथ लड़ते हैं तो हरियाणा की दसों सीटों पर बीजेपी हारेगी। अरविंद केजरीवाल ने राहुल गांधी से इस पर विचार करने का निवेदन किया है।
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी की तरफ से दिल्ली में कांग्रेस से हाथ मिलाने की काफी कोशिश की गई थी। लेकिन कांग्रेस ने इसे साफ इंकार कर दिया। जिससे नाराज होकर अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दोनों (कांग्रेस और बीजेपी) के बीच अपवित्र गठबंधन की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी अहंकारी हो गई है। अगर उनका ऐसा ही रवैया रहा तो उनके उम्मीदवार जमानत तक गंवा बैठेंगे। 
आम आदमी पार्टी सूत्रों का दावा है कि पार्टी के आंतरिक सर्वे में दिल्ली के सातों सीटों पर आम आदमी पार्टी की स्थिति बीजेपी के मुकाबले मजबूत है। इसके पहले आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के उच्च नेतृत्व पर गठबंधन को लेकर कई राउंड चर्चा हुई, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। कांग्रेस के प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व ने आम आदमी पार्टी के साथ दिल्ली में गठबंधन के प्रस्ताव को खारिज कर दिया, लेकिन दिल्ली के अलावा केजरीवाल ने राहुल गांधी से हरियाणा में आम आदमी पार्टी और जेऐपी के साथ गठबंधन करने की अपील की है। 


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