loading...

Friday, March 15, 2019

क्राइस्टचर्च हमला: इस 16 साल की बच्ची को ISIS ने किया था कत्ल, जिसका बदला लेने के लिये मस्जिद पर किया हमला


न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च शहर में एक आतंकी हमला हुआ है. इस बार निशाने पर वहां की दो मस्जिदें थीं. हमला करने वाला एक ऑस्ट्रेलियन है. उसका नाम ब्रेंटन टैरंट बताया गया है. न्यूजीलैंड के लगभग डेढ़ बजे ये हमला हुआ. इसमें लगभग 40 लोग मारे गए, ऐसी रिपोर्ट्स आई हैं. वहां की प्रधानमंत्री जसिंदा आर्डर्न ने इसे आतंकवादी हमला करार दिया है.

इस पूरे मामले में जिस व्यक्ति का नाम आ रहा है, उसने अपने हमले की विडियो फेसबुक पर live की थी.  इससे पहले उसने एक पोस्ट भी लिखा था कि उसने आखिर ये हमला क्यों प्लैन किया. वो खुद को स्कॉटिश, इंग्लिश, और आयरिश पेरेंट्स की संतान बताता है. उसने लिखा,


‘एब्बा एकरलैंड का बदला लेने के लिए ये हमला हो रहा है’

उसने अपनी मैगजींस, और पहने जानी वाली वेस्ट की तस्वीरें भी शेयर कीं.

एब्बा एकरलैंड 12 साल की छोटी बच्ची थी जो एप्रिल 2017 में स्टॉकहोम में हुए आतंकी हमले में मारी गई थी. उस हमले में पांच लोगों की मौत हुई थी. 

एब्बा हमले के वक़्त पैदल घर लौट रही थी

2017 के इस हमले में आतंकी रख्मत अकिलोव ने आह्लेंस डिपार्टमेंट स्टोर में बियर की लॉरी भिड़ा दी थी. ये बियर लॉरी हाइजैक की गई थी, और उसमें एक बम के होने की भी बात कही गई थी. रख्मत उज्बेकिस्तान से था, और इस हमले के पीछे उसने वजह दी थी कि वो स्वीडन को इस्लामिक स्टेट के विरुद्ध खड़े होने की सजा देना चाहता था.

उसके फेसबुक पेज पर ISIS से जुडी विचारधारा देखी गई. कुछ प्रोपगंडा लिंक भी देखने को मिले. रख्मत स्वीडन में रहने के लिए आया था. उज्बेकिस्तान में बीवी और चार बच्चों को छोड़कर. लेकिन उसे यहां रहने की स्वीकृति नहीं मिली. जहां काम करता था वहां से उसे निकाल दिया गया. दिन में सोए रहने और गांजा चरस फूंकने की वजह से. उसके बाद ही उसने ये गाड़ी हाइजैक कर अधिक से अधिक लोगों को मारने का प्लैन बनाया.

उसे उम्रकैद हुई. 16 साल की. ये पूरा करने के बाद उसे स्वीडन से निकाल दिया जाएगा और हमेशा के लिए बैन कर दिया जाएगा.

एब्बा वहीं थी, जब ये बियर लॉरी आकर लोगों को तितर-बितर करती हुई डिपार्टमेंटल स्टोर में जा घुसी. उस समय उसे मिसिंग घोषित किया गया था. लेकिन बाद में पुलिस ने कन्फर्म किया कि उसकी मौत हो चुकी है.

उसके माता-पिता ने सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरें डाल कर उसे ढूंढने का अनुरोध किया था. जब तक उसकी खोज के लिए फोटो वायरल हुई, तब तक पुलिस ने बताया कि घर के लिए पैदल वापस आते वक़्त एब्बा उस आतंकी हमले का शिकार हो गई थी.

उसके एक साल बाद ही 2018 के नवम्बर में एब्बा के पिता स्टेफान ने कहा कि उनकी बेटी की कब्र को कोई छेड़ कर, और उसे गन्दा कर चला जाता है. उस आदमी की पहचान उन्होंने एक प्रवासी के रूप में की जिसे स्वीडन से निकाल दिया गया है, लेकिन फिर भी वो यहीं पर है. उसने और भी कई कब्रों को बर्बाद किया है.

ब्रेंटन ने अपने मैनिफेस्टो में लिखा,

‘घुसपैठियों के हाथों एब्बा की मौत, उसकी हिंसक हत्या की बेहूदगी और उसे रोक ना पाने की मेरी मजबूरी, मुझे चीर गई और मेरी नफरत बढ़ गई. मैं और इस तरह के हमलों को नज़रंदाज़ नहीं कर पाया’.   

इस वक़्त दुनिया के कई देशों ने न्यूजीलैंड के साथ सहानुभूति जताई है. न्यूजीलैंड एक शांत देश माना जाता है. वहां पर इस तरह का हमला होना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का कारण बन गया है. कई मीडिया पोर्टल अभी भी इस हमलावर को आतंकी नहीं बल्कि अतिवादी या एक्सट्रीमिस्ट कह रहे हैं, जबकि उसके द्वारा किया गया ये हमले पूरी तरह से आतंकवाद की परिभाषा में फिट बैठता है.

loading...