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Wednesday, March 27, 2019

उर्मिला अख्तर मीर हुईं उर्मिला मातोंडकर के नाम से कांग्रेस में शामिल, हिन्दू वोट के लिये छिपाया मुस्लिम नाम


उर्मिला मातोंडकर ने 2016 में कश्मीर के एक शख्स मोहम्मद अख्तर मीर से निकाह किया था, और इसका अब असल और पूरा नाम है उर्मिला अख्तर मीर

अब कश्मीरी मुस्लिम की बेगम उर्मिला अख्तर मीर, कांग्रेस में शामिल होकर फिर से उर्मिला मातोंडकर बन चुकी है

जनता को सच पता रहना चाहिए, जनता को ये जानने का पूरा हक़ है की वो वोट उर्मिला मातोंडकर को दे रहे है या उर्मिला अख्तर मीर को, और वर्तमान की बात है तो ये मोहतरमा है उर्मिला अख्तर मीर न की उर्मिला मातोंडकर


जिस तरह सोनिया गाँधी अपना असल नाम नहीं बताती कांग्रेस में ऐसे ही कई उदाहरण है, और अब नया उदाहरण एक और जुड़ गया है

कांग्रेस में उर्मिला नाम की अभिनेत्री शामिल हुई है, और बताया जा रहा है की उर्मिला नाम की ये अभिनेत्री कांग्रेस की ओर से लोकसभा का चुनाव भी लड़ेगी

इस अभिनेत्री का नाम उर्मिला मातोंडकर बताया जा रहा है जो की असल में इसका अब असल नाम नहीं है, उर्मिला मातोंडकर इसका नाम पहले हुआ करता था

इस अभिनेत्री को उर्मिला मातोंडकर बताकर ही घुमाया जायेगा, और वोट और चुनाव भी ये उर्मिला मातोंडकर के नाम से ही लड़ेगी पर जनता को सच पता होना चाहिए

मस्जिद हमले के पीड़तों से मिलने पहुची न्यूजीलैंड की पीएम, पीड़ित बोला इस्लाम कबूल करलो

आतंकवाद से अछूते रहे न्यूजीलैंड में हाल ही में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था. दरअसल, 15 मार्च को न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में हमला कर 50 लोगों की गोली मार हत्या कर दी गई थी. साथ ही इस हमले में कई लोग घायल हो गए थे. इस हिंसक घटना की पूरे विश्व में आलोचना हो रही है. वहीं, न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने क्राइस्टचर्च में मुस्लिम समुदाय के कैंटबरी स्थित रिफ्यूजी सेंटर में जाकर इस हमले के पीड़ित परिवारों से हिजाब पहनकर मुलाकात की. इस दौरान जेसिंडा अर्डर्न की ली गई एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. इस तस्वीर में जेसिंडा अर्डर्न काफी दुखी नजर आ रही थीं. 

ध्यान से सुनी मुस्लिम शख्स की पूरी बात

वहीं, अब सोशल मीडिया पर जेसिंडा अर्डर्न का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक मुस्लिम व्यक्ति न्यूजीलैंड की पीएम जेसिंडा अर्डर्न से बातचीत कर रहा है. वीडियो के अंत में वह जेसिंडा से इस्लाम कबूलने को कह रहा है. उस शख्स की इस बात पर जेसिंडा अर्डर्न मुस्कुराते हुए बेहतरीन जवाब देती हैं. जेसिंडा के इस जवाब के कारण ही यह वीडियो सोशल मीडिया में लगातार वायरल हो रहा है. दरअसल, वीडियो में दिख रहा है कि जब वह शख्स जेसिंडा से बात कर रहा था, तब वह बहुत ध्यान से उसकी बात सुन रही थीं.

इस लिंक पर क्लिकबकर देखें वीडियो


एक दिन आप इस्लाम अपनाएंगी- मुस्लिम शख्स

वीडियो में मुस्लिम व्यक्ति कहता नजर आ रहा है कि आपसे ईमादारी से कहूंगा. मुझे यहां जो खींच लाया है, वो आप हैं. मैं बीते 3 दिनों से हर रोज अल्लाह से एक ही दुआ मांगता हूं, मैं दुआ मांगता हूं कि बाकी के नेता भी आपको देखें और आपसे कुछ सीखें. मेरी एक इच्छा है कि एक दिन आप भी इस्लाम धर्म को अपनाएंगी. मेरी इच्छा है कि मैं आपके साथ जन्नत में रहूं.


जेसिंडा ने दिया ये जवाब

वीडियो में दिख रहा है कि जेसिंडा अर्डर्न ने उस व्यक्ति की बातों को पूरी गंभीरता से सुना. अंत में जेसिंडा अर्डर्न ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि इस्लाम लोगों को मानवता सिखाता है. मुझे लगता है कि मानवता मेरे पास है.

Thursday, March 21, 2019

क्या अब साम्प्रदायिकता के बल पर केजरीवाल जीतेंगे 2019 के लोकसभा चुनाव, उनकी इस हरकत से तो यही लगता है

अरविंद केजरीवाल की हताशा नई चोटियों तक पहुंच गई है। इस कयास के बावजूद कि कांग्रेस-आप गठबंधन के इर्द-गिर्द है, हालांकि भौतिक रूप से अबतक गठबंधन विफल रहा है। यह बहुत स्पष्ट है कि उन्हें दो जीवनदान देने और दोनों अवसरों पर बैकस्टैब होने के बाद, कांग्रेस पार्टी में कई लोग AAP को तीसरी जीवनरेखा देने के लिए आशंकित हैं। गठबंधन के बिना, पार्टी के लोकसभा में शून्य सीटों तक कम होने की संभावना है। इसलिए एक हताश अरविंद केजरीवाल खुद को और पार्टी को पूरी तरह से विनाश से बचाने के लिए सस्ते हथकंडे अपना रहे हैं।
अब, यह एक सांप्रदायिक रूप से सांप्रदायिक कदम है, अरविंद केजरीवाल ने एक छोटी सी तस्वीर को ट्वीट करते हुऐ यह दावा किया है कि किसी ने उन्हें ये चित्र भेजा है। केजरीवाल का दावा है कि जब किसी ने उन्हें कुछ भेजा है, तो कोई भी निश्चित नहीं हो सकता है, क्योंकि पिछली बार एक कथित अभिभावक ने उन्हें एक पाठ संदेश भेजा था जिसमें उन्होंने स्कूलों को अपनी फीस कम करने के लिए मजबूर किया था, स्क्रीन पर कर्सर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। हालांकि, भले ही यह उन्हें भेजा गया था या नहीं, उसने ट्विटर पर इसे साझा कर दिया। यह एक छोटी सी ड्राइंग है, जहां हाथ में झाड़ू के साथ एक आकृति दूसरी अन्य आकृति का पीछा करते हुए देखी जा सकती है दूसरी आकृति स्वस्तिक जैसी दिखाई दे रही है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि झाड़ू आम आदमी पार्टी का प्रतीक है, और स्वास्तिक हिंदू धर्म में एक पवित्र प्रतीक है। 
यह अजीब है कि दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री दिल्ली में रहने की उम्मीद कर रहे लोगों के बारे में सोशल मीडिया सामग्री साझा कर रहे हैं जो आज दिल्ली की जमीनी वास्तविकताओं से बहुत दूर है। केजरीवाल ने खुद इस बात को साझा करते हुए सबसे स्पष्ट और स्पष्ट रूप से कहा कि यह दिल्लीवासियों को उनके सपनों का दिल्ली देने की बात है। लेकिन यह सिर्फ हिमशैल के टिप है। जिसने भी यह पोस्ट किया है वह दिल्ली के लिए स्पष्ट रूप से उम्मीद करता है कि आम आदमी पार्टी (झाड़ू वाला व्यक्ति) हिंदुत्व (एक स्वास्तिक जैसी आकृति) का पीछा करती है। दिल्ली का एक ऐसा व्यक्ति जो ऐसा करना चाहता है और केजरीवाल ने ट्विटर पर इसे साझा भी कर दिया ।

तो क्या केजरीवाल भी ऐसी ही दिल्ली की उम्मीद कर रहे हैं? एक दिल्ली जहां आम आदमी पार्टी हिंदू धर्म का पीछा करती है? और क्या यह राजनीतिक आत्महत्या जैसा कदम नहीं है? सूत्रों के अनुसार अगर आम आदमी पार्टी दिल्ली में चुनाव लड़ती है तो आम आदमी पार्टी खाली हाथ जाएगी क्योंकि दिल्ली की मुस्लिम आबादी जो अरविंद केजरीवाल के साथ खड़ी थी अपने पारंपरिक घर- कांग्रेस पार्टी में लौट आई है। क्या केजरीवाल ट्विटर पर हिंदू विरोधी सामग्री पोस्ट करके उन्हें वापस लुभाने की कोशिश कर रहे हैं? अगर ऐसा है, और अगर केजरीवाल की माने तो वह हिंदू विरोधी सामग्री पोस्ट करके उन्हें वापस ला सकते हैं, तो ये उनकी बहुत छोटी सोच है ।
भले ही वह इस स्टंट से मुस्लिम को अपनी ओर खींचने की कोशिश कर रहे हो, लेकिन बहुसंख्यक समुदाय की संवेदनशीलता के लिए इस तरह के अपमानजनक अवहेलना से आने वाले चुनावों को सांप्रदायिक रूप देना, एक मुख्यमंत्री को शोभा नही देता। वे लाखों भारतीय जो केजरीवाल में एक आशा की किरण ढूंढते थे, आज अपने को ठगा महसूस कर रहा है ।

Saturday, March 16, 2019

पुलवामा हमले पर जश्न मनाने वाले AMU के कट्टरपंथी आज न्यूजीलैंड हमले पर निकाल रहे हैं कैंडल मार्च, कट्टरपंथियों का दोहरा चरित्र आया सामने

हजारों किलोमीटर दूर न्यूजीलैंड में कोई घटना होती है तो AMU वाले अपनी संवेदना लेकर निकल पड़ते है, पर अपने ही देश में हमला होता है तब इनके कैंडल बाहर नहीं निकलते बल्कि इनके यहाँ के कट्टरपंथी जश्न मनाते है

अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कट्टरपंथियों का दोगलापन एक बार फिर सामने आया है, इन कट्टरपंथियों की नयी हरकत को देखकर लोग हैरान है

https://twitter.com/ANINewsUP/status/1106722428468682752?s=19

AMU में तब जश्न मनाया गया था जब पुलवामा में भारत के 44 CRPF जवान बलिदानी हुए थे, AMU के कई कट्टरपंथी छात्रों ने सोशल मीडिया पर ख़ुशी जाहिर की थी
अभी न्यू जीलैंड में क्राइस्ट चर्च की मस्जिद पर एक शूटर ने तबाही मचा दी तो AMU वाले कैंडल लेकर निकल पड़े, पुलवामा के बाद भी ये लोग कैंडल लेकर नहीं निकले थे


ये लोग कभी कैंडल लेकर नहीं निकले जब पुलवामा हुआ, जब यजिदियों का नरसंहार हुआ, जब अमरनाथ यात्रियों पर हमले हुए, जब देश भर में आतंकी वारदात हुई
अब न्यू जीलैंड जो की भारत से काफी दूर है वहां के लिए भी इनकी संवेदना जाग रही है, पर पुलवामा के लिए नहीं जागी थी, AMU के कट्टरपंथियों का दोगला चरित्र फिर सामने है

Friday, March 15, 2019

क्राइस्टचर्च हमला: इस 16 साल की बच्ची को ISIS ने किया था कत्ल, जिसका बदला लेने के लिये मस्जिद पर किया हमला


न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च शहर में एक आतंकी हमला हुआ है. इस बार निशाने पर वहां की दो मस्जिदें थीं. हमला करने वाला एक ऑस्ट्रेलियन है. उसका नाम ब्रेंटन टैरंट बताया गया है. न्यूजीलैंड के लगभग डेढ़ बजे ये हमला हुआ. इसमें लगभग 40 लोग मारे गए, ऐसी रिपोर्ट्स आई हैं. वहां की प्रधानमंत्री जसिंदा आर्डर्न ने इसे आतंकवादी हमला करार दिया है.

इस पूरे मामले में जिस व्यक्ति का नाम आ रहा है, उसने अपने हमले की विडियो फेसबुक पर live की थी.  इससे पहले उसने एक पोस्ट भी लिखा था कि उसने आखिर ये हमला क्यों प्लैन किया. वो खुद को स्कॉटिश, इंग्लिश, और आयरिश पेरेंट्स की संतान बताता है. उसने लिखा,


‘एब्बा एकरलैंड का बदला लेने के लिए ये हमला हो रहा है’

उसने अपनी मैगजींस, और पहने जानी वाली वेस्ट की तस्वीरें भी शेयर कीं.

एब्बा एकरलैंड 12 साल की छोटी बच्ची थी जो एप्रिल 2017 में स्टॉकहोम में हुए आतंकी हमले में मारी गई थी. उस हमले में पांच लोगों की मौत हुई थी. 

एब्बा हमले के वक़्त पैदल घर लौट रही थी

2017 के इस हमले में आतंकी रख्मत अकिलोव ने आह्लेंस डिपार्टमेंट स्टोर में बियर की लॉरी भिड़ा दी थी. ये बियर लॉरी हाइजैक की गई थी, और उसमें एक बम के होने की भी बात कही गई थी. रख्मत उज्बेकिस्तान से था, और इस हमले के पीछे उसने वजह दी थी कि वो स्वीडन को इस्लामिक स्टेट के विरुद्ध खड़े होने की सजा देना चाहता था.

उसके फेसबुक पेज पर ISIS से जुडी विचारधारा देखी गई. कुछ प्रोपगंडा लिंक भी देखने को मिले. रख्मत स्वीडन में रहने के लिए आया था. उज्बेकिस्तान में बीवी और चार बच्चों को छोड़कर. लेकिन उसे यहां रहने की स्वीकृति नहीं मिली. जहां काम करता था वहां से उसे निकाल दिया गया. दिन में सोए रहने और गांजा चरस फूंकने की वजह से. उसके बाद ही उसने ये गाड़ी हाइजैक कर अधिक से अधिक लोगों को मारने का प्लैन बनाया.

उसे उम्रकैद हुई. 16 साल की. ये पूरा करने के बाद उसे स्वीडन से निकाल दिया जाएगा और हमेशा के लिए बैन कर दिया जाएगा.

एब्बा वहीं थी, जब ये बियर लॉरी आकर लोगों को तितर-बितर करती हुई डिपार्टमेंटल स्टोर में जा घुसी. उस समय उसे मिसिंग घोषित किया गया था. लेकिन बाद में पुलिस ने कन्फर्म किया कि उसकी मौत हो चुकी है.

उसके माता-पिता ने सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरें डाल कर उसे ढूंढने का अनुरोध किया था. जब तक उसकी खोज के लिए फोटो वायरल हुई, तब तक पुलिस ने बताया कि घर के लिए पैदल वापस आते वक़्त एब्बा उस आतंकी हमले का शिकार हो गई थी.

उसके एक साल बाद ही 2018 के नवम्बर में एब्बा के पिता स्टेफान ने कहा कि उनकी बेटी की कब्र को कोई छेड़ कर, और उसे गन्दा कर चला जाता है. उस आदमी की पहचान उन्होंने एक प्रवासी के रूप में की जिसे स्वीडन से निकाल दिया गया है, लेकिन फिर भी वो यहीं पर है. उसने और भी कई कब्रों को बर्बाद किया है.

ब्रेंटन ने अपने मैनिफेस्टो में लिखा,

‘घुसपैठियों के हाथों एब्बा की मौत, उसकी हिंसक हत्या की बेहूदगी और उसे रोक ना पाने की मेरी मजबूरी, मुझे चीर गई और मेरी नफरत बढ़ गई. मैं और इस तरह के हमलों को नज़रंदाज़ नहीं कर पाया’.   

इस वक़्त दुनिया के कई देशों ने न्यूजीलैंड के साथ सहानुभूति जताई है. न्यूजीलैंड एक शांत देश माना जाता है. वहां पर इस तरह का हमला होना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का कारण बन गया है. कई मीडिया पोर्टल अभी भी इस हमलावर को आतंकी नहीं बल्कि अतिवादी या एक्सट्रीमिस्ट कह रहे हैं, जबकि उसके द्वारा किया गया ये हमले पूरी तरह से आतंकवाद की परिभाषा में फिट बैठता है.

Thursday, March 14, 2019

मोदी सरकार ने देश को किया बर्बाद, हमारी सरकार आने के बाद हम सब ठीक कर देंगे - राहुल गांधी

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी देश के सबसे बड़े चुनावी समर के लिए कमर कसकर अपने को पूरी तरह से तैयार बता रहे हैं।

अपने भाषणों में वह सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को निशाना बना रहे हैं।

भाजपा की केन्द्र सरकार में भ्रष्टाचार, राफेल घोटाला, आतंकवाद, जी.एस.टी., नोटबंदी, बेरोजगारी, किसानों की कर्ज माफी, कालाधन आदि मुद्दों को लेकर वह लगातार आक्रामक हैं।

भाजपा सरकार को पूरी तरह से फेल मानते हुए वह साफ कहते हैं कि कई बड़ी गलतियां इस सरकार में हुई हैं।

उनकी सरकार आने के बाद वह यह सब ठीक करेंगे। पंजाब केसरी, जगबाणी, हिंद समाचार, नवोदय टाइम्स से राहुल गांधी ने हर विषय पर बातचीत की और लोकसभा चुनावों को लेकर अपने इरादे जाहिर किए। 

चीन के अड़ंगे के बाद भी मसूद अजहर घोषित होगा अंतराष्ट्रीय आतंकवादी, यूएन उठायेगा ये कदम

चीन ने फिलहाल मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव सेंक्शन कमिटी में अटकाया है, जो कि 1999 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के रेजुलेशन 1267 के तहत बनी हुई कमिटी है। यह कमिटी आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करती है। अब भारत सेंक्शन कमिटी के ऊपर सिक्योरिटी काउंसिल में जा सकता है और यहां 15 में से अगर 9 सदस्य देश किसी प्रस्ताव के पक्ष में वोट करते हैं तो उसपर फैसला किया जा सकता है। भारत के दुश्मन नंबर एक जैश सरगना आतंकी मसूद अजहर को चीन ने एक बार फिर ग्लोबल आतंकी की लिस्ट में शामिल होने से बुधवार को बचा लिया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन मसूद अहजर के खिलाफ सबूतों के अभाव की बात कहते हुए चौथी बार अपने वीटो का प्रयोग किया। चीन ने अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों के प्रस्ताव को होल्ड पर रखने की बात कही। भारत ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। वीटो अधिकार प्राप्त देश चाहते हैं  कि चीन अपनी टेक्निकल रोक हटालें, ताकि वीटो का अस्तित्व बना रहे है वरना सुरक्षा परिषद में उसके वीटो का प्रभाव ही खत्म हो जायेगा।

मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने को लेकर लाए गए प्रस्ताव पर चीन ने बुधवार को अड़ंगा लगा दिया। चीन ने चौथी बार इस तरह के प्रस्ताव पर अड़ंगा लगाया है। बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 कमेटी से मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कराने के लिए प्रस्ताव लेकर आए थे। चीन के विरोध के बावजूद मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करना संभव है, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद  के 9 सदस्यों की सहमति अगर मिल जाती है तो संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 27 के मुताबिक मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने पर फैसला हो सकता है। इसका साफ मतलब है कि अगर सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों में से 9 सदस्य देशों ने साथ दिया तो चीन के फैसले की कोई अहमियत नहीं रह जाएगी। इस प्रकिया को अफरमेटिव एक्शन कहते हैं।

Wednesday, March 13, 2019

केजरीवाल की कांग्रेस से फरियाद, दिल्ली में ना सही कम से कम हरियाणा में ही कर लो गठबंधन


कांग्रेस की प्रदेश इकाई और आलाकमान द्वारा दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को कई बार नकार दिए जाने के बाद अब अरविंद केजरीवाल ने भी दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन की सारी कवायद खत्म कर दी है। इसी मसले पर जवाब देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें दिल्ली में कांग्रेस की जरूरत नहीं है। केजरीवाल का दावा है कि दिल्ली में अब आम आदमी पार्टी सातों सीटें अकेले अपने दम पर जीत सकती है, ऐसे में अब कांग्रेस के साथ वह गठबंधन की कोई कोशिश नहीं करेंगे।


वहीं आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर राहुल गांधी से गठबंधन की गुजारिश की है। अरविंद केजरीवाल ने इस बार दिल्ली के लिए नहीं बल्कि हरियाणा में हाथ मिलाने की बात कही है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के लोग अमित शाह और मोदी जी की जोड़ी को हराना चाहते हैं। अगर हरियाणा में जेजेपी, आप और कांग्रेस साथ लड़ते हैं तो हरियाणा की दसों सीटों पर बीजेपी हारेगी। अरविंद केजरीवाल ने राहुल गांधी से इस पर विचार करने का निवेदन किया है।
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी की तरफ से दिल्ली में कांग्रेस से हाथ मिलाने की काफी कोशिश की गई थी। लेकिन कांग्रेस ने इसे साफ इंकार कर दिया। जिससे नाराज होकर अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दोनों (कांग्रेस और बीजेपी) के बीच अपवित्र गठबंधन की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी अहंकारी हो गई है। अगर उनका ऐसा ही रवैया रहा तो उनके उम्मीदवार जमानत तक गंवा बैठेंगे। 
आम आदमी पार्टी सूत्रों का दावा है कि पार्टी के आंतरिक सर्वे में दिल्ली के सातों सीटों पर आम आदमी पार्टी की स्थिति बीजेपी के मुकाबले मजबूत है। इसके पहले आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के उच्च नेतृत्व पर गठबंधन को लेकर कई राउंड चर्चा हुई, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। कांग्रेस के प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व ने आम आदमी पार्टी के साथ दिल्ली में गठबंधन के प्रस्ताव को खारिज कर दिया, लेकिन दिल्ली के अलावा केजरीवाल ने राहुल गांधी से हरियाणा में आम आदमी पार्टी और जेऐपी के साथ गठबंधन करने की अपील की है। 


वीडियो: पाक आर्मी ने माना कि IAF की स्ट्राइक में मारे गये 200 से ज्यादा आतंकी, मृतकों के परिवार को सहानभूति देते नजर आए पाक सैनिक


गिलगिट के एक अमेरिकी-आधारित कार्यकर्ता ने दावा किया है कि वायुसेना के हवाई हमलों के बाद बालाकोट से खैबर पख्तूनख्वा में 200 से अधिक आतंकवादियों के शवों को दफन कर दिया गया था। 

उर्दू मीडिया में ऐसी खबरें आई हैं कि भारत के आतंकरोधी हमले के बाद पाकिस्तान के कबायली इलाकों में बालाकोट से खैबर पख्तूनख्वा और आदिवासी इलाकों में कुछ शवों को ले जाया जा रहा है। कार्यकर्ता ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो भी साझा किया जहां एक पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी ने बालाकोट में भारतीय हड़ताल के दौरान 200 से अधिक आतंकवादियों की "शहादत" स्वीकार की और अपने परिवारों का समर्थन करने की कसम खाई। 




अधिकारी को यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि "मुजाहिद को अल्लाह से विशेष एहसान और जीविका मिलती है क्योंकि वे दुश्मनों के खिलाफ पाकिस्तानी सरकार का समर्थन करने के लिए लड़ते हैं।"

https://twitter.com/SengeHSering/status/1105660202337095681?s=19

एएनआई से बात करते हुए, सेरिंग कहते हैं कि वह इस वीडियो की प्रामाणिकता के बारे में निश्चित नहीं हैं, लेकिन कहते हैं कि पाकिस्तान "निश्चित रूप से कुछ बहुत महत्वपूर्ण छिपा रहा है जो बालाकोट में हुआ है।"

अब तक, पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय, साथ ही स्थानीय मीडिया को साइट का निरीक्षण करने और वहां के नुकसान का आकलन करने की अनुमति नहीं दी है, जबकि यह दावा करना जारी है कि स्ट्राइक हुई लेकिन केवल वन क्षेत्र और कुछ खेत को नुकसान पहुंचा।

आपको बता दें कि बालाकोट पर IAF के हवाई हमले के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय मीडिया को हड़ताल के क्षेत्र में ले जाएगा, लेकिन अभी मौसम खराब है।

विदेश सचिव विजय गोखले ने सटीक संख्या दिए बिना कहा था कि हवाई हमलों के परिणामस्वरूप "बड़ी संख्या में आतंकवादी" समाप्त हो गए।

Tuesday, March 12, 2019

खुद के सर्वे में केजरीवाल ने खुद को दी दिल्ली की लोकसभा की सातों सीटें, बोले कोई दूर दूर तक नही


आम आदमी पार्टी  के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज कहा कि इस बार दिल्ली के लोग प्रधानमंत्री बनाने के लिए नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजधानी के पूर्ण राज्य के लिए वोट देंगे. आज एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए वो बोले की कांग्रेस दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करे और जनता को गुमराह ना करे !

उन्होंने कहा की इस बार दिल्ली के लोग प्रधानमंत्री बनाने के लिए नहीं बल्कि पूर्ण राज्य के लिए वोट देंगे वही उन्होंने कहा कि बीजेपी ने दिल्ली को पूर्ण राज्य के नाम पर धोखा दिया है.

वहीं आम आदमी पार्टी द्वारा कराए गए एक स्वयं के सर्वे में केजरीवाल ने दिल्ली की सभी लोकसभा सीटों को जीतने का दावा किया, उन्होंने कहा हमारी टक्कर में कोई दूर दूर तक नही है ।


आगे उन्होंने कहा की दिल्ली के पूर्ण राज्य बनते ही 85% नौकरियां दिल्ली के युवाओं के लिए सुरक्षित की जाएगी और यूनिविर्सिटी में भी 85 % सीट दिल्ली के छात्रों के लिए सुरक्षित की जाएगी..
बताते चले की खुद राहुल गाँधी ने यह बयान दिया है की उनकी पार्टी दिल्ली में इस साल के लोकसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं करेंगी और तब से ही दोनों के संबंधो में खटास आ गयी है..

Monday, March 11, 2019

आखिर इस विज्ञापन में ऐसा क्या है कि हर यूवा कर रहा है Surf-Excel का बायकॉट



अभी हिंदुस्तान यूनिलीवर का विवाद थमा नहीं था कि सर्फ एक्सेल ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। त्योहारों पर विशेष विज्ञापन बनाने वाले सर्फ एक्सेल ने होली पर एक नया विज्ञापन लॉन्च किया है। जिसमें हिन्दुओ की पवित्र आस्थाओं को बड़ी चालाकी के साथ दूषित करने का प्रयास किया गया है। पहले आप इस लिंक पर क्लिक करके वीडियो देखिए..


विज्ञापन में आपने देखा कि जब एक हिन्दू बच्ची अपने साइकिल के पीछे मुस्लिम बच्चे को बैठाकर मस्जिद छोड़ने जाती है तब बच्चा कहता है नमाज पढ़कर आता हूँ। उसी दौरान विज्ञापन में शबाना आजमी की आवाज मे टैग लाइन सुनाई देती है, “अपनो की मदद करने मे दाग लगे तो “दाग” अच्छे हैं”।

अब जरा विज्ञापन की हिन्दू विरोधी मानसिकता को समझने का प्रयास कीजिए। विज्ञापन एक साथ कई निशाने साध रहा है।

पहला होली के पवित्र रँगों को “दाग” कहने की चेष्टा की गई वह भी अन्य मज़हब के लिये। बच्ची द्वारा होली के रंगों में सरोबार होना सर्फ एक्सेल को “दाग” नजर आते हैं।

दूसरा नमाज की आवश्यकता/पवित्रता होली के त्यौहार से अधिक महत्वपूर्ण बताने का चतुराई पूर्वक कुत्सित प्रयास किया गया है।

अगर आपके मन मे विज्ञापन देखकर एक बार भी गंगा-जमुनी तहजीब, भाईचारा, बच्चों की मासूमियत का खयाल आता है तो आप बौद्धिक पाश मे जकड़ चुके है। जहाँ आपको ऐसे भ्रमजाल (गंगा जमुनी तहजीब) में उलझा देना जो है ही नही औऱ जो है उससे दूर ले जाना।

तीसरा लव जिहाद…
यहाँ जानबूझकर हिन्दू लड़की चुनी गई। हिन्दू लड़का भी चुना जा सकता था लेकिन बचपन से मदद, मानवता के नाम पर हिन्दू बच्चियों और माँ बाप के अंदर लव जिहाद के बीज बो देना। यही बौद्धिक आतंकवाद हैं। बच्चों के नाम पर अपना नैरेटिव सेट करना जिसमें खुद आप उनकी मदद करे।

यहाँ एक औऱ बात ध्यान देने योग्य है। विज्ञापन के अंत मे आवाज शबाना आजमी की है जिनका एनजीओ धर्मांतरण औऱ हिन्दू विरोधी गतिविधियों के लिये ही कुख्यात है। अब इसका आप आसानी से मतलब समझ सकते हैं कि ये सब कितना जानबूझकर किया गया है।

सर्फ़ एक्सेल से एक सवाल पूछिए, क्या सर्फ एक्सेल मोहर्रम/बकरीद/ईद पर ऐसा विज्ञापन बना सकता है?

जहाँ हिन्दू लड़का मुस्लिम लड़की को कुर्बानी के खून के छींटों से बचाते हुए अपने कपड़ों पर लेते हुए मन्दिर ले जाये। तब शबाना आजमी कहे अपनो की मदद के लिये “दाग लगे तो दाग अच्छे हैं।”

दरअसल वामपंथी विचारधारा और उपनिवेशवादी मानसिकता के लोग हमेशा अपने प्रचार/विज्ञापन के जरिए हिन्दुओं को क्यों अपमानित करते रहते हैं? जब आप चाय का विज्ञापन बनाएं तो दिखाएं हिन्दू इतने कट्टर हैं की अपने पड़ोसी के घर चाय पीने को तैयार नहीं क्योंकि वो मुस्लिम हैं। जब सर्फ का विज्ञापन बनाएं तो दिखाएं मुस्लिम कितने निरीह हैं बिना रंगे पुते मस्जिद नहीं जा पा रहे हैं। और आपको ऐसा लगता है कि ऐसे विमर्श चलाकर आप समाज में सद्भावना ला रहे हैं।

इस विज्ञापन के वायरल होने के बाद फिलहाल आम जनता आक्रोशित है और वो इस प्रोडक्ट के बहिष्कार की मुहिम चला रही है। इस वक्त ट्विटर पर #BoycottSurfExcel ट्रेंड कर रहा है।



ब्रेकिंग: भारत ने रोका पाकिस्तान जाने वाली इन 3 नदियों का पानी, पाकिस्तान में मचा हाहाकार

प्रतीकात्मक फोटो
भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में सिंधु जल समझौता हुआ था. यह समझौता पूर्व की ओर बहने वाली नदियों- ब्यास, रावी और सतलज के पानी के प्रयोग के लिए हुआ है. इस समझौते के तहत भारत को 3.3 करोड़ एकड़ फीट (एमएएफ) पानी मिला है, जबकि पाकिस्तान को 80 एमएएफ पानी दिया गया है. यहां इस बात पर विवाद है कि इस संधि के तहत पाकिस्तान को भारत से अधिक पानी मिलता है, जिससे यहां सिंचाई में भी इस पानी का सीमित उपयोग हो पाता है. केवल बिजली उत्पादन में इसका अबाधित उपयोग होता है. साथ ही भारत पर परियोजनाओं के निर्माण के लिए भी सटीक नियम बनाए गए हैं.

पुलवामा हमले के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की थी कि सिंधु समझौते के तहत भारत अपने हिस्से का पानी पाकिस्तान जाने से रोक देगा. केंद्र सरकार का यह कदम 1960 की सिंधु जल संधि का उल्लंघन नहीं करता है, क्योंकि भारत ने केवल अपने हिस्से के पानी को रोका है. भारत अपने हिस्से के पानी का उपयोग करने का हकदार है.

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने कहा है कि पाकिस्तान की ओर जाने वाली तीन नदियों का पानी भारत ने रोक दिया है. अर्जुन मेघवाल रविवार को बीकानेर पहुंचे थे. इस दौरान केंद्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री मेघवाल ने संवाददाताओं से कहा कि पाकिस्तान में बहने वाली पूर्वी नदियों के 0.53 मिलियन एकड़ फीट पानी को रोक दिया गया है और इसे संग्रहित किया गया है. जब भी राजस्थान या पंजाब को इसकी जरूरत होगी, उस पानी का उपयोग पीने और सिंचाई के उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है.

बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है. इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान मारे गए थे. हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी. इसके बाद भारत ने पाकिस्तान की ओर जाने वाली तीन नदियों ब्यास, रावी और सतलज का अपने हिस्से का पानी रोकने की बात कही थी.

Sunday, March 10, 2019

ना वैज्ञानिक ना बिजनेसमैन, शहीदों को 110 करोड़ देने की बात करने वाला मुर्तजा निकला ढोंगी, रवीश ने किया था महिमा मंडित


दरअसल मुर्तज़ा मूल रूप से कोटा से हैं, 2015 में वो मुंबई पहुँचे, बचपन से नेत्रहीन हैं, पहले उनका ऑटोमोबाइल का बिज़नेस था, बाद में वो अन्वेषक बन गए, फ़िलहाल वो 'फ़्यूल बर्न टेक्नोलॉजी' नामक किसी तकनीक पर काम कर रहे हैं और वो 110 करोड़ रुपये दान में देने की पेशकश कर चुके हैं। 

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक मुर्तज़ा अली नामक कोटा निवासी सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। दरअसल जिसने दावा किया था कि वो पुलवामा हमले में वीरगति पाने वाले जवानों के परिवारों के लिए 110 करोड़ रूपये दान करेगा, प्रधानमंत्री राहत कोष में। बात 110 करोड़ के दान की थी, वो भी एक मुस्लिम द्वारा, जोकि खुद नेत्रहीन है। सबको लगा वाह क्या शानदार लिबरल स्टोरी है...। सबसे सोशल मीडिया पर तारीफों के पुल बांध दिये। टीवी-अखबारों में बड़ी-बड़ी हेडलाइन छाप दी गईं। सबने कहा यहीं है कलियुग का असली मसीहा...। लेकिन मुर्तज़ा अली कौन है, क्या वो वाकई कोई बिजनेसमैन है, कहां से आयेंगे। उसके पास इतने पैसे। ये सवाल किसी ने नहीं पूछा..।

मुर्तज़ा अली ने बीबीसी से एक इंटरव्यू में कहा कि, "इस पैसे का सोर्स मुझे लोगों को बताने की क्या ज़रूरत है. मैं स्वेच्छा से अपने पैन कार्ड और अन्य ज़रूरी दस्तावेज़ों के साथ ये पैसा पीएम को देने वाला हूँ."

एनडीटीवी पर रवीश कुमार ने तो मुर्तजा को स्टूडियो बुलाकर प्राइम टाइम शो कर डाला। मन की आंखों से देखकर दुनिया को आईना दिखाने वाले टाइप के कसीदे गढ़ दिये। देखिये वीडियो ।



लेकिन धीरे-धीरे तस्वीर साफ होने लगी है, पता चला कि कथित वैज्ञानिक+बिजनेसमैन दरअसल एक ढोंगी है। न तो उसके पास इसके पास इतना पैसा है, न ही उसने कोई टेक्नोलॉज़ी ईजाद की है। जिसको उसने पीएमओ में भेजने का दावा किया है।  जिसकी रॉयल्टी से आने पैसों को दान का दावा किया जा रहा है। यहां तक कि उसके कोटा के घरवालों को पता नहीं है कि वो इतना बड़ा आदमी है।  कुल मिलाकर सबकुछ फर्जीवाड़ा निकला।

 मुर्तज़ा का फर्ज़ीवाड़ा है पुराना 

खबरों के मुताबिक मुर्तज़ा पर 18.50 लाख का लोन है, जोकि उसने एक व्यापारी से लिया था। जिसको चुकाने के लिए मुर्तजा ने एक चेक दिया था। जो कि बाउंस हो गया। इसके अलावा भी मुर्तज़ा पर साढ़े 5 लाख का लोन का कर्ज बाकी है।  


तीन महीने पहले भी मुर्तजा ने एक स्कूल बनवाने के लिए 1 करोड़ 10 लाख रूपये का चेक दिया था। जोकि बाउंस हो गया।

कुछ महीने पहले मुर्तज़ा ने मुम्बई में गरीबों के लिए घर बनवाने के लिए दो किस्तों में 53 करोड़ और 21 करोड़ रूपये देने की बात कही थी। लेकिन वो पैसे आज तक नहीं दिये।
उधर कोटा में मुर्तज़ा के परिवार वाले भी मुर्तज़ा की सफलता के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि उसने 11 साल पहले कोटा छोड़ दिया था। जिसके बाद वो मुंबई बस गया और फिर कभी नहीं आया। उन्हें भी नहीं मालूम कि मुर्तजा़ के पास इतने पैसे आयेंगे कहां से .!

मुतर्ज़ा का झूठ और बीबीसी का पर्दाफाश 

मुर्तज़ा के सच को जानने के लिए बीबीसी ने एक फैक्ट-चेक स्टोरी की। जिसमें मुर्तज़ा की कहानी फर्जी निकली। पढ़िए बीबीसी की रिपोर्ट- 

मुर्तज़ा बताते हैं कि एक बड़ी कंपनी के साथ मिलकर उन्होंने 'फ़्यूल बर्न टेक्नोलॉजी' तैयार की है. लेकिन ये कंपनी भारतीय है या विदेशी? इसका क्या नाम है? क्या स्तर है? वो कुछ भी नहीं बताते.

उनकी कार्यशाला कहाँ है, जिसमें उन्होंने इस तकनीक पर काम किया? वो कहते हैं, "टेक्नोलॉजी से जुड़े सारे काम पूरे हो चुके हैं, तीन साल से तो हम सरकार तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं". पर वो कार्यशाला की जानकारी नहीं देते.
मुर्तज़ा दावा करते हैं कि अपनी तकनीक के दम पर वो दूर से ही कार में कितना सामान है, क्या सामान है, इसका पता लगा सकते हैं.

वो दावा करते हैं कि एक साल पहले खाड़ी के एक देश के कुछ लोग उनके पास इस तकनीक को मांगने आए थे और उन्हें इस तकनीक के लिए एक लाख बीस हज़ार करोड़ रुपये ऑफ़र कर चुके हैं.

पर क्या कैमरा के आगे वो अपनी इस कथित तकनीक का प्रदर्शन कर सकते हैं? ऐसा नहीं कर पाने के उन्होंने कई तकनीकी कारण बताये और बाद में उन्होंने इससे इनकार कर दिया.

उन्होंने कहा, "25 अक्तूबर 2018 को मैं स्टांप पेपर पर इस तकनीक को प्रधानमंत्री के नाम ट्रांसफ़र कर चुका हूँ. इसलिए गोपनीयता के कारण वो पहले इस तकनीक को भारत सरकार को दिखाना चाहेंगे."

क्या वो तकनीक हस्तान्तरण के दस्तावेज़ दिखा सकते हैं? उन्होंने इससे भी इनकार ही किया।"""

'न कागज़, न पैसा'

बातचीत के अंत में मुर्तज़ा अली कहते हैं कि ये अब सरकार पर है कि वो कब उन्हें मिलने के लिए बुलाए, वो पैसे पीएम को दें और डोनेशन का पैसा सैनिकों के परिवारों तक पहुँचे.

प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े उनके दावों की पड़ताल करने के लिए हमने पीएमओ में बात की.

प्रधानमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "मुर्तज़ा अली ने डोनेशन की पेशकश का मेल पीएमओ को भेजा था. उन्होंने प्रधानमंत्री से मिलने का वक़्त मांगा था और वो चाहते थे कि डोनेशन का चेक वो ख़ुद पीएम को दें."

उन्होंने बताया, "दफ़्तर के प्रोटोकॉल का ख़याल रखते हुए पीएम के अपॉइंटमेंट सेक्शन ने उन्हें फंड सेक्शन से बात करने को कह दिया था जहाँ वो बिना शर्त वाला डोनेशन दे सकते हैं."

फंड विभाग (पीएमओ) के उप-सचिव अग्नि कुमार दास ने बीबीसी को बताया कि "फ़ोन पर मुर्तज़ा ने 110 करोड़ रुपये दान करने की बात की थी. वो अपनी किसी रिसर्च के कागज़ भी हमें देना चाहते थे. हमने उनसे कहा था कि वो पीएमओ में आकर अपने कागज़ जमा करा दें. लेकिन न कागज़ आए, न ही कोई पैसा."

Friday, March 8, 2019

रफेल की कोई फाइलें चोरी नही हुई हैं, चुनावों में फायदा लेने के लिए फैलाया जा रहा है भ्रम: अटॉर्नी जनरल


नई दिल्ली: अटार्नी जनरल, वेणुगोपाल ने कहा कि राफेल सौदे की जांच का अनुरोध ठुकराने के शीर्ष अदालत के आदेश पर पुनर्विचार की मांग वाली यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और प्रशांत भूषण की याचिका में ऐसे तीन दस्तावेजों को नत्थी किया गया है जो असली दस्तावेजों की फोटो कॉपी हैं. आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि अटॉर्नी जनरल द्वारा चोरी शब्द का इस्तेमाल संभवत: ज्यादा सख्त था और इससे बचा जा सकता था.

वेणुगोपाल ने परोक्ष रूप से स्थिति को संभालने का प्रयास करते हुए कहा, ''मुझे बताया गया कि विपक्ष ने आरोप लगाया है कि (सुप्रीम कोर्ट में) दलील दी गई कि फाइलें रक्षा मंत्रालय से चोरी हो गईं. यह पूरी तरह से गलत है. यह बयान कि फाइलें चोरी हो गई हैं, पूरी तरह से गलत है.''

सरकार ने 'द हिन्दू' अखबार को इन दस्तावेजों के आधार पर लेख प्रकाशित करने पर गोपनीयता कानून के तहत मामला दर्ज करने की चेतावनी भी दी थी.

अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने शुक्रवार को दावा किया कि राफेल दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चुराए नहीं गये. सुप्रीम कोर्ट में उनकी बात का मतलब यह था कि याचिकाकर्ताओं ने आवेदन में उन मूल कागजात की फोटोकॉपियों का इस्तेमाल किया जिसे सरकार ने गोपनीय माना है. शीर्ष अदालत में बुधवार को वेणुगोपाल की इस टिप्पणी ने राजनीतिक भूचाल ला दिया था कि राफेल लड़ाकू विमान के सौदे के दस्तावेज चुरा लिये गये हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इतने संवेदनशील कागजात के चोरी होने पर सरकार पर निशाना साधा और जांच की मांग की थी.

AAP विधायक नरेश बाल्यान 2 करोड़ कैश के साथ गिरफ्तार, केजरीवाल बोले देश खतरे में


आयकर विभाग की एक टीम ने आज उत्तम नगर से AAP विधायक नरेश बाल्यान के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसके बाद उन्हें बेहिसाब नकदी मिली।


रिपोर्टों के अनुसार, विधायक को लगभग 2.25 करोड़ की राशि के साथ पकड़ा गया था। द्वारका क्षेत्र में AAP विधायक से जुड़े कई स्थानों पर छापे मारे गए। मूल रूप से आयकर विभाग एक प्रॉपर्टी डीलर पर छापा मारने गया था, जहां से बलियान को बेहिसाब धनराशि मिली थी। इसके चलते विभाग द्वारा नरेश बाल्यान के ठिकानों पर भी छापे मारे गए।

पिछले साल I-T विभाग ने AAP नेता और दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत से जुड़े 16 ठिकानों पर छापा मार कर बेहिसाब संपत्ति जब्त की थी ।



वहीं इस खबर पर केजरीवाल का कोई बयान सामने नही आया है और ना ही उन्होंने अपने विधायक के खिलाफ कोई कार्यवाही करने की बात कही है । छोटी छोटी बातों को देश के लिये खतरा बताने वाले केजरीवाल की खामोशी बहुत कुछ इशारा करती है ।

Thursday, March 7, 2019

कश्मीर: जमात-ए-इस्लामी पर बैन के बाद अब हुर्रियत कांफ्रेंस पर भी बैन लगाने की तैयारी में केंद्र


आतंकविरोधी अधिनियम के तहत गुरुवार को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा पर एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद जमात-ए-इस्लामी संगठन पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई थी।

नई दिल्ली: आतंकवाद विरोधी कानून के तहत पांच साल के लिए जमात-ए-इस्लामी के जम्मू और कश्मीर मॉड्यूल पर प्रतिबंध लगाने के बाद, क्या सरकार अब गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत अखिल भारतीय हुर्रियत सम्मेलन पर प्रतिबंध लगाने के लिए आगे बढ़ रही है? 


सरकार के अधिकारी संकेत दे रहे हैं कि यह कदम विचाराधीन है । एक अधिकारी ने बताया कि "आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अब सबसे निर्णायक चरण में प्रवेश कर गई है।" 

आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत जमात-ए-इस्लामी समूह पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना गुरुवार को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई थी। 

अधिसूचना में कहा गया है कि केंद्र की राय है कि जमात "आतंकवादी संगठनों के साथ निकट संपर्क में है" और जम्मू-कश्मीर और अन्य जगहों पर चरमपंथ और उग्रवाद का समर्थन कर रही है। 

JEI (JK) को प्रतिबंधित करने का निर्णय इसलिये लिया गया था क्योंकि "यह हिजबुल मुजाहिदीन के गठन और भर्ती, धन, आश्रय, रसद आदि के मामले में आतंकवादी समूह को समर्थन प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है। एक तरह से।" , हिजबुल मुजाहिदीन जेआईआई (जेके) का एक उग्रवादी विंग है। ” 

हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सल्लहुद्दीन ने जम्मू-कश्मीर में मुस्लिम संयुक्त मोर्चा के टिकट पर 1987 का विधानसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें JEI (जेके) एक प्रमुख घटक था। 

हुर्रियत के बारे में पूछे जाने पर, अधिकारी ने कहा कि JeI (JK) ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस (APHC) एक साथ काम करते है, यह आरोप लगाते हुए कि हुर्रियत अलगाववादी और आतंकवादी झुकाव वाले संगठनों का एक समूह है, जो पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का समर्थन करता रहा है।अधिकारी ने कहा, "JEI (JK) पाकिस्तान के समर्थन से हुर्रियत के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था।" 

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस सप्ताह जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी और अलगाववादी समूहों की फंडिंग से जुड़े एक मामले के सिलसिले में मीरवाइज उमर फारूक जैसे कुछ अलगाववादी नेताओं के घरों सहित सात स्थानों पर तलाशी ली थी। 

एजेंसी ने कहा कि उसने मीरवाइज के निवास स्थान से "हाई-टेक इंटरनेट कम्युनिकेशन सेटअप" बरामद किया। 

इसने कई स्थानों से आतंकवादी समूहों के प्रमुखों पत्र और पाकिस्तान स्थित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए सिफारिश पत्रों को बरामद करने का भी दावा किया है। 

अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान समर्थक अलगाववादी सैयद अली शाह गिलानी के बेटे नसीम गिलानी और तहरीक-ए-हुर्रियत के चेयरमैन अशरफ सेहराई, अन्य अलगाववादी नेताओं में से थे जिनके आवासों पर एनआईए की टीम ने छापा मारा था, जिसमें स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ के जवान शामिल थे।

Wednesday, March 6, 2019

पीएम मोदी ने पेश की मिसाल, अपनी 21 लाख रुपये की बचत दे दी सफाई कर्मियों को


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक मिसाल पेश करते हुए अपनी निजी बचत को दान में दे दिया है, उन्होंने अपनी 21 लाख की बचत को सफाई कर्मचारी काँरपस फण्ड में दान कर दिया है ।

पिछले महीने सियोल शांति पुरस्कार में मिलने वाली करीब डेढ़ करोड़ की राशि को उन्होंने ने नमामि गंगे के लिये दान कर दी थी ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से स्वयं को पुरस्कार के स्वरूप में मिलने वाली राशि या वस्तुओं को दान में देते रहे है । पहले भी उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते मिलने वाली पूरी सैलेरी को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के लिये दान कर दी थी ।

पीएम मोदी को पिछले महीने फरवरी में दक्षिण कोरिया में प्रतिष्ठित सियोल शांति पुरस्कार से नवाजा गया था. उन्होंने इस सम्मान के साथ मिली दो लाख डॉलर (करीब 1.42 करोड़ रुपये) की पुरस्कार राशि महत्वाकांक्षी नमामि गंगे कार्यक्रम को दान कर दी.

प्रधानमंत्री मोदी पिछले सप्ताह जब कुंभ गये थे तब कुम्भ में सफाई अभियान में लगे 8000 सफाई कर्मचारियों की तारीफ की थी । उस दौरान उन्होंने 5 सफाई कर्मियों के पैर धोकर उन्हें सम्मानित किया था ।



और फिर उन्हें अंगवस्त्र देकर आभार व्यक्त किया था । जिसका वीडियो भी उन दिनों शोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ था ।

इससे पहले, अप्रैल 2015 में नेपाल में आए भूंकप के बाद पीड़ितों की मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेअपनी एक महीने की सैलरी प्रधानमंत्री राहत कोष में दान की थी.

प्रधान मंत्री मोदी भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने अपने जीवन की सारी बचत सामाजिक कार्यों में लगा दी ।

Tuesday, March 5, 2019

वीडियो: पाकिस्तान के समुद्री इलाके में भारतीय पनडुब्बी की मौजूदगी, पाकिस्तान ने जारी किया वीडियो


पाकिस्तानी मीडिया ने मंगलवार (5 मार्च) को एक वीडियो जारी किया, जिसमें दावा किया गया है कि उसके तट के पास एक भारतीय पनडुब्बी दिखाई दी है।

पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया कि उसने अपने पानी में एक भारतीय पनडुब्बी का पता लगाया है।

हालांकि, भारतीय पत्रकारों ने यह कहते हुए जवाब दिया कि "यदि पाकिस्तान द्वारा भू-निर्देशांक माने जाते हैं, तो भारतीय पनडुब्बी अंतर्राष्ट्रीय जल में थी। इसका मतलब है कि इस पनडुब्बी के खिलाफ किसी भी प्रकार की पाकिस्तानी कार्रवाई को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा"।

वीडियो देखने के लिये इस लिंक पर क्लिक करें ।

https://twitter.com/PTVNewsOfficial/status/1102829968525062144?s=19

संयोग से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविर पर भारतीय वायु सेना (IAF) के हमले के बाद, पाकिस्तान ने हर ओर अपनी सुरक्षा बढ़ा रखी है।


इस इस्लामिक देश ने कुछ दिनों के लिए अपने कमर्शियल एयर स्पेस को बंद करने का फैसला किया, जिसके परिणामस्वरूप 400 फ्लाइट कैंसिल हो गईं, जिससे 25,000 यात्री प्रभावित हुए।

यहां तक ​​कि सोमवार (5 मार्च) को पाकिस्तानी आउटलेट ने दावा किया कि भारतीय मिसाइल के गोले फोर्ट अब्बास के पास उतरे थे, जो बाद में भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने के बाद भारतीय वायुसेना द्वारा दागे गए अपने स्वयं के ड्रोन के मलबे के रूप में निकला।

Monday, March 4, 2019

जमात-ए-इस्लामी के 1000 मदरसे, 400 स्कूल, 350 मस्जिदें सील, 350 कट्टरपंथी गिरफ्तार


जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर पर बैन के बाद से घाटी में छापेमारी तेज है. सुरक्षा एजेंसियों ने अबतक 400 स्कूल, 350 मस्जिद और एक हजार से ज्यादा मदरसे सील कर दिए हैं. 

छापेमारी के दौरान जमात-ए-इस्लामी से जुड़े करीब 350 कट्टरपंथियों को भी गिरफ्तार किया गया है. अब जमात-ए-इस्लामी पर गाज के बाद आतंकी संगठनों की तबाह भी संभव है.

आतंकी नेटवर्क्स की पहली जरूरत फंडिंग यानी पैसे की होती है. दूसरी जरूरत वो युवा जो मरने के लिए तैयार रहते हैं और तीसरी जरूरत ओवर ग्राउंड वर्कर जो आतंकी वारदात को सपोर्ट करते हैं. जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर भी इन्ही तीनों जरूरतों को पूरा करता है.

पुलवामा आतंकी हमले का मास्टरमाइंड और जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर और उस जैसे आतंकी जमात-ए-इस्लामी के जरिए पैसे मुहैया कराते हैं, जो स्लीपर सेल तक पहुंचते हैं. इतना ही नहीं जमात-ए-इस्लामी के मदरसों और स्कूलों से युवाओं को आतंकी बनाया जाता है ओवर ग्राउंड वर्कर जो आतंकियों के शील्ड बनते हैं. जैसे पत्थरबाज या उन्हें भगाने वाले लोग.. जमात-ए-इस्लामी इसके लिए भी लोगों को तैयार करता है. सरकार ने आतंक की इन्हीं तीन जड़ों पर हमला किया है.

बता दें कि अलगाववाद की मुहिम में 1989 में जमात-ए-इस्लामी शामिल हुआ और हिजबुल मुजाहिद्दीन बनाया. गृहमंत्री रहते हुए मुफ्ती मोहम्मद सईद ने 1990 में जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध लगाया था. 1975 में लगी इमरजेंसी में जमात-ए-इस्लामी पर पहली बार प्रतिबंध लगाया गया और तो और हिजबुल चीफ आतंकी सैयद सलाउद्दीन को इसी संगठन ने 1987 में चुनावी मैदान में उतारा था. जमात-ए-इस्लामी आए दिन हिंदुस्तान विरोधी रैलियां भी करता है. जमात-ए-इस्लामी आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का दाहिना हाथ है.

भारत के इस कदम से पाकिस्तान में अचानक बढ़ी महगाई, तेल-घी नमक-मिर्च की कमी से मचा हाहाकार,


पुलवामा हमले के बाद भारत की ओर से लगाये गये सेंक्शंस और दुनिया भर के अन्य देशों के कड़े रुख से पाकिस्तानी रुपये की कीमत बेतहाशा गिरती जा रही है। कराची और लाहौर  जैसे शहरों की बाजारो में दाल-चावल और आटा ही नहीं घी-तेल, हल्दी-नमक और मिर्ची के लाले पड़ गये हैं...छोटे शहर और गांवों के हाला तो और भी खराब हैं

पाकिस्तान के अखबार डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक रुपये की गिरती कीमत से बाजारों में हाहाकार मचा हुआ है। लोगों के पास खरीदारी के लिए पैसा नहीं है। जो पैसे वाले हैं उन्होंने घी-तेल नमक और मसाले जैसे चीजों का स्टॉक कर लिया है और वो अब मन-माने दामों पर उन्हें बेच रहे हैं। पाकिस्तान में आटा-दाल चावल के अकाल का मुद्दा पाकिस्तान की संसद में भी उठ चुका है। पाकिस्तानी सांसदों ने कहा कि जब अपने मुल्क के लोगों का पेट भरने लिए गंदुम नहीं है तो सरकार ने दूसरे देशों को 40 हजार टन गंदुम क्यों भेजा। दरअसल, भारत से पाकिस्तान को निर्यात किये जाने वाले सामान पर 200 प्रतिशत टैक्स लगा देने से वहां हालात बद से बदतर हो गये हैं। 

इस बात का अंदाजा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है कि 'टमाटर' के सप्लाई रोके जाने का दुखड़ा पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने जर्मनी में मीडिया के सामने रोय दिया। बहरहाल, पुलवामा हमले का बदला बालकोट में लिये जाने के बाद से पाकिस्तान के घरेलू हालात और भी खराब हो चुके हैं। पाकिस्तानी सरकार और आवाम दोनों का आत्मविश्वास बुरी तरह टूट चुका है। सरकार के भीतर और बाहर उहापोह की स्थिति है।सऊदी अरब के ऐलान के बावजूद इमरान सरकार के खजाने में पैसा नहीं आया है। ऊपर से भारत की सख्ती ने उन्हें घुटनोंपर ला दिया। कहा जा रहा है कि इस वक्त पाकिस्तान सरकार ही नहीं बल्कि पाकिस्तानी सेना भी घुटनों पर है। जिसका उदाहरण विंग कमांडर अभिनंदन की बिना शर्त रिहाई मानी जा रही है।

पूरा देश देखना चाहता है आतंकवादियों के शव, सरकार सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत दे


कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर कहा, 'मोदी जी इंटरनेशनल मीडिया: न्यूयॉर्क टाइम्स, लंदन का मीडिया ग्रुप, वॉशिंगटन पोस्ट, डेली टेलीग्राफ, द गार्जियन, रॉयटर्स ने रिपोर्ट किया है कि बालाकोट में आतंकियों को कोई नुकसान नहीं हुआ है? क्या आप आतंकवाद के राजनीतिकरण के दोषी हैं?' सिब्बल ने कहा, 'आपको आतंक पर राजनीति पर नहीं करनी चाहिए. जब आपका इतना भारी इंटलीजेंस फेल्योर हुआ तो उसका जिम्मेदार कौन है और उसके जिम्मेदार के खिलाफ आपने क्या कार्रवाई की। आप राजनीति कर रहे हैं...हम उन आतंकियों के शव देखना चाहते हैं, जो एयर स्ट्राइक में मरे थे, तांकि हमें सकून मिले, देश की जनता को सकून मिले उन शहीदों के परिवारों को सकून मिले।'


कपिल सिब्बल ने कहा है, "अंतरराष्ट्रीय मीडिया की उन रिपोर्टों पर प्रधानमंत्री को ज़रूर बोलना चाहिए, जिनमें कहा गया है कि वहां (बालाकोट में हुए हवाई हमले में) शायद ही कोई मरा हो... मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं, क्या अंतरराष्ट्रीय मीडिया पाकिस्तान का समर्थन कर रहा है...? जब अंतरराष्ट्रीय मीडिया पाकिस्तान के खिलाफ बोलता है, आप खुश होते हैं... जब वे सवाल करते हैं, तो क्या वे इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि वे पाकिस्तान का समर्थन करते हैं...?"


कपिल सिब्ब से पहले बल्कि दिग्विजय सिंह और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी केंद्र सरकार से एयर स्ट्राइक के सबूत सामने रखने की बात कही थी। विपक्ष के इन सवालों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी चुनावी जनसभा के दौरान चुटकी भी ली थी।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में 26 फरवरी को भारतीय वायु सेना द्वारा हवाई हमले कर जैश ए मोहम्मद के आतंकवादी शिविर को ध्वस्त कर दिया था। वायुसेना की कार्रवाई की हर कोई सराहना कर रहा है, लेकिन अब इसे लेकर भी राजनीति शुरू हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने बालाकोट एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सरकार को इसके सबूत जारी करने चाहिए।

Sunday, March 3, 2019

15 साल से सेना के पास था बालाकोट का नक्शा लेकिन पिछली सरकारों ने नही दी हमले की अनुमति, अब जाकर मिला सेना को पराक्रम दिखाने का मौका


भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के रिटायर अधिकारी अमर भूषण के मुताबिक, हमें बहुत पहले से पता था कि बालाकोट में आतंकी कैंप पनप रहे हैं, लेकिन वहां कार्रवाई के लिए सभी सरकार से हरी झंडी नहीं मिली।

बकौल भूषण, इससे पहले जब भी बड़े आतंकी हमले हुए, खुफिया एजेंसियों और सेना ने बालाकोट तथा इसके आसपास के टेरर कैंपों को निशाना बनाने की अनुमति मांगी, लेकिन ऐसा न हो सका। 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक से पहले भी बालाकोट का नाम सामने आया था। हो सकता है तब यह तय हुआ कि पहली बार पीओके में थोड़ा अंदर जाकर सर्जिकल स्ट्राइक की जाए, फिर मौका मिला जो बालाकोट को निशाना बनाएंगे और ऐसा ही हुआ।

पुलवामा आतंकी हमले के बाद की भारतीय वायुसेना की एयर स्टाइक में कितने आतंकी मारे गए, इस सवाल पर भूषण ने कहा, संख्या कोई मायने नहीं रखती है। सबसे बड़ी बात यह है कि हमने जैश के आतंकी कैंपों की पहचान की और उन पर निशाना भी लगाया। यही आतंकी तैयार किए जाते थे। भारत ने पाकिस्तान और दुनिया को सख्त संदेश दिया है। भारत यह संदेश देने में भी कामयाब रहा है कि उसे पता है कि पाकिस्तान के किस कौने में आतंकी छिपे हैं।

भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 80 किमी अंदर तक जाकर बालाकोट पर एयर स्ट्राइक की। सेना ने 15 साल पहले ही आतंक की फैक्टरी बन रहे बालाकोट का नक्शा तैयार कर लिया था, लेकिन कभी वहां जाकर सर्जिकल स्ट्राइक करने की अनुमति नहीं मिली। पहली बार आदेश मिला तो भारत के लड़ाकू विमान अंदर तक घुस गए और जैश के सबसे बड़े अड्डे को तबाह कर दिया।

खुलासा: IAF की एयर स्ट्राइक में मारे गये ISI के 2 कर्नल और जैश का मास्टर ट्रेनर सहित सैकड़ों आतंकी


ये हैं वो कुछ खास नाम जो चला रहे थे बालाकोट का टेररिस्ट ट्रैनिंग कैंप

कर्नल सलीम - आईएसआई (पाकिस्तानी आर्मी)

कर्नल जाबिर - आईएसआई (पाकिस्तानी आर्मी)

मुफ्ती मोईन - जैश-ए-मुहम्मद का मास्टर ट्रैनर जो युवाओं का ब्रेन वॉश करता था

उस्मान गनी - जैश-ए-मुहम्मद का आईईडी स्पेशलिस्ट

कर्नल जार जाकिरी- आईएसआई (गंभीर रूप से घायल)



बीती छब्बीस फरवरी को भारत की एयर स्ट्राइक को पाकिस्तान सरकार कितना ही छुपाने की कोशिश करे लेकिन अब धीरे-धीरे सारी सच्चाई सामने आ रही है। पाकिस्तान में अब सरकार के खिलाफ भी रोष उभर कर सामने आ रहा है क्यों कि जो लोग भारत की एयर स्ट्राइक में मारे गये उनके लिए नमाज-ए-जनाजा तक की इजाजत नहीं दी गयी। पाकिस्तान के एक जर्नलिस्ट ने स्थानीय अधिकारी और चश्मदीदों के हवाले से लिखा है कि हमले के बाद दर्जनों एंबुलेंस में शवो को भर कर ले जाया गया। 




भारत के हमले के तुरंत बाद पाकिस्तानी आर्मी वहां पहुंच गयी थी और रोशनी होने से पहले ही पूरे इलाके को अपने कब्जे में ले लिया था। पाक आर्मी ने सबसे पहले आस-पास के इलाके में छापे मारी की और जितने भी लोगों के पास मोबाइल फोन थे वो अपने कब्जे में लिये। इस जर्नलिस्ट ने यह भी दावा किया है कि जिन गाड़ियों में शव लाद कर ले जाये गये थे उनके ड्राइवर, डॉक्टर्स और अन्य स्टाफ के मोबाइल भी पाक आर्मी ने जब्त कर लिए थे।  


 चश्मदीदों के अनुसार भारत के हमले में मारे लोगों में से लगभग दर्जन भर एक झोपड़ी में सो रहे थे। हवाई बमबारी में वो सभी मारे गये। ये लोग पहले पाकिस्तानी आर्मी में काम कर चुके थे, और अब वहां पर सिक्योरिटी गार्ड थे।  इस जर्नलिस्ट ने दावा किया है कि उसने जाबा टॉप के आसपास रहने वाले लोगों और अफसरों ने ऐसे संचार उपकरणोंसे बात की है जो पाकिस्तानी आर्मी और आईएसआई की पकड़ से बाहर हैं। दावा किया गया है कि भारत के हवाई हमले में आईएसआई का एक कर्नल सलीम भी मारा गया है। जबकि एक जार जाकिरी नाम का कर्नल गंभीर रूप से जख्मी हुआ था। इस हमले में जैश-ए-मुहम्मद का आईईडी स्पेशलिस्ट उस्मान गनी और युवाओं का ब्रेन वाश कर फिदाईन बनाने में माहिर मुफ्ती मोईन भी मारा गया।


दिग्गी मांगे एयर स्ट्राइक के सबूत, जैश बोला तबाह हो गए सारे तालीमी ठिकाने



यह मानना पड़ेगा कि भारत में जिस तरह की राजनीति है, उसी से देश में आतंकवाद और अलगावादी को पनाह मिलता है। कांग्रेस अपनी दिखावटी मुसलिम प्रेमी वोटबैंक राजनीति से अपने को अलग नहीं कर पा रही है। मप्र में सत्ता में लौटने के बाद दिग्विजय सिंह एक बार फिर से मुखर हो गए हैं। वे एयर स्ट्राइक के सबूत मांग अपने कांग्रेसी-वामपंथी पत्रकारों के मुद्दे को आगे बढ़ा रहे हैं। लेकिन, जैश ने अपने ऑडियो में साफ किया है कि उसका कैंप तबाह हो गया है और बड़ा नुकसान हुआ है।”     


चुनाव के समय ही नहीं, अलग दिनों में भी कांग्रेस की नीति अपने ‘वोट बैंक’ को अड्रेस करने की रही है। यह राजनीतिक सच्चाई है कि जैसे कांग्रेस गांधी परिवार के बिना कुछ नहीं है वैसे ही वह अपनी ‘वोट बैंक’ की नीति के बगैर भी कुछ नहीं है। इस आधार पर जब  बीजेपी की राजनीतिक सफर का मुआयना करें, तो स्पष्ट है कि इस पार्टी ने देश भर में अपना जनाधार व्यापक स्तर पर हर वर्ग-जाति और धर्म तक बढ़ाई है। कांग्रेस अपने इसी कोर नीति के तहत किसी भी मौके पर अपनी राजनीति नहीं छोड़ पाती है। एकबार पिर कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने मोदी सरकार पर हमला कर एयर स्ट्राइक का सबूत मांगा है। इससे पहले ममता बनर्जी भी इसपर सवाल उठा चुकीं हैं।

दिग्विजय और ममता के सवालों के बीच जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी द्वारा जारी एक ऑडियो मैसेज में कहा गया है कि भारतीय लड़ाकू विमानों ने बालाकोट स्थित उसके ट्रेनिंग कैम्प को निशाना बनाया है, जिसमें बड़ा नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि ऑडियो में मौलाना अम्मार की आवाज है, जो कि जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर का भाई है।

इंटेलिजेंस एजेंसियों ने साफ किया है कि ‘ऑडियो मैसेज को फ्रांस निवासी एक पाकिस्तानी पत्रकार ने ट्वीट किया है, जिसका सत्यापन हो चुका है।

इस ऑडियो मैसेज में अम्मार ने कहा कि, ‘सीमा पार कर एक इस्लामिक देश में घुसकर और मुस्लिम स्कूलों (मदरसा) में बम से हमला कर दुश्मनों ने जंग का ऐलान कर दिया है। इसीलिए, अब तुम भी अपने हथियार उठाओ और उन्हें दिखा दो कि जिहाद सिर्फ एक बंधन है या एक दायित्व।’ अधिकारियों का दावा है कि यह संदेश बालाकोट में हवाई हमले के दो दिन बाद बनाया गया और फिर इसे पेशावर स्थित मदरसा सनान बिन सलमा में आतंकियों को सुनाया गया।

दिग्विजय सिंह झूठ बोल रहे हैं कि जैसे अमेरिका ने एबटाबाद में ओसामा के मारने का वीडियो रिलिज किया है। कई साल बाद बी अमेरिका ने ऐसा कोई वीडियो जारी नहीं किया है। वर्षों बाद बस थोड़ी सी यह जानाकारी दी गई थी और वह भी सैन्य रणनीति का खुलासा न हो, इसे ध्यान में रखते हुए। भारतीय सुरक्षा व सैन्य एजेंसियां अपनी रणनीतिक खुलासे का ध्यान रखते हुए इसपर निर्णय लेंगी कि उन्हें इस बारे में कोई वीडियो जारी करनी है या नहीं। लेकिन कोई नेता इस तरह से सबूत मांगे तो वह देश की सुरक्षा रणनीति को सार्वजनिक कर दुश्मन को लाभ पहुंचाने का प्रयास है। ये वही दिग्विजय सिंह है जो जाकिर नाइक के मंच पर जाकर उसे शांति दूत बताते हैं और कांग्रेस के 10 साल के शासनकाल में जाकिर नाइक को बढ़ावा दिया गया और वह आंतकी व कट्टरवादी गतिविधियां बिना रोक-टोक चलाता रहा। चार साल से ज्यादा समय से देश से भागा हुआ है, शायद इस इंतजार में कि कांग्रेस का शासन आए तो वह कांग्रेस की सरपरस्ती में भारत लौट सके और अपनी देश विरोधी गतिविधियों का फिर से अंजाम दे सके। उसी तरह से पाकिस्तान भी चाहता है कि देश में कांग्रेस की सरकार बने।

उल्लेखनीय है कि 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान स्थित बालाकोट में जेश के आतंकी कैंपों पर बमबारी कर उसे तबाह कर दिया था। सेना के मुताबिक, हमले में बड़ी संख्या में आतंकवादी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर और जिहादी मारे गए थे। विदेश सचिव विजय गोखले ने भी कहा था कि पाकिस्तान स्थित आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद के बालाकोट में मौजूद सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर पर खुफिया सूचनाओं के बाद कार्रवाई की गई थी जो जरूरी थी। शिविर में कम से कम 325 आतंकवादी और 25 से 27 प्रशिक्षक मौजूद थे।

मौलाना मसूद के भाई का ऑडियो आया सामने, बोला इंडिया ने हमारे तालीमी अड्डे तबाह किये, पाकिस्तानी युवाओं से की जिहाद तेज करने की अपील


यह ऑडियो 28 फरवरी का है, जिसमें मौलाना अम्मार ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक में बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों के तबाह होने की बात कह रहा है। मौलाना अम्मार जैश-ए-मोहम्मद की अफगानिस्तान और कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में मदद करता है। पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार ताहा सिद्दीकी ने अम्मार का यह ऑडियो ट्विटर पर पोस्ट किया। यही ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

https://twitter.com/TahaSSiddiqui/status/1101837054533648384?s=19

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के छोटे भाई मौलाना अम्मार ने भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान में घुसकर की गई एयर स्ट्राइक की पुष्टि की है। उसका एक ऑडियो सामने आया है, जिसमें वह भारत की कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों की तबाही का रोना रो रहा है। इससे पहले पाकिस्तान सरकार ने भारतीय वायुसेना की कार्रवाई में किसी तरह के नुकसान की खबर को खारिज किया था।

इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इस बात को कुबूल किया था कि जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान में है। मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान पर भारत समेत दुनिया के कई देशों को जबरदस्त दबाव है। संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए प्रस्ताव भी लाया गया है।

https://twitter.com/ThePrintIndia/status/1102061214807588864?s=19

भारत द्वारा पुलवामा आतंकी हमले के डोजियर सौंपे जाने और चौतरफा दबाव के बाद शनिवार को पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य ठिकानों को अपने कब्जे में लेने का भी दावा किया है।

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। इस हमले के बाद भारतीय वायुसेना के मिराज लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान में घुसकर बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर बम बरसाए थे। भारत की इस कार्रवाई में कई आतंकवादी मारे गए थे। 21 मिनट तक चली भारतीय वायुसेना की इस कार्रवाई की पाकिस्तानी वायुसेना को खबर तक नहीं लगी।

इसके बाद जब सुबह पाकिस्तान को भारत की कार्रवाई का पता चला, तो उसने भारतीय क्षेत्र में हवाई हमला कर दिया। इस दौरान दोनों देशों के बीच सीमा पर जबरदस्त हवाई भिड़ंत हुई। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के हाईटेक F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया। इस दौरान भारतीय वायुसेना का मिग-21 लड़ाकू विमान भी गिर गया और इसको उड़ा रहे पायलट अभिनंदन वर्द्धन पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में चले गए, जहां पाकिस्तानी सेना ने उनको पकड़ लिया।

इसके बाद भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए अभिनंदन को छोड़ने को कहा, जिसके बाद गुरुवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को अभिनंदन को रिहा करने का ऐलान करना पड़ा। फिर शुक्रवार को पाकिस्तान ने विंग कमांडर अभिनंदन को अटारी-वाघा बॉर्डर से भारत को सौंप दिया।


बालाकोट होकर आई इटालियन पत्रकार फ्रांसेस्का का खुलासा, नही रहा अजहर मसूद, IAF की कार्यवाही में आतंकियों सहित मारा गया

आज हम आपको IAF की सर्जिकल स्ट्राइक से जुडी एक बड़ी जानकारी दे रहे है, इस देश में कई गद्दार है जो की एयर स्ट्राइक पर सवाल उठा चुके है और सबूत मांग चुके है

अब इस लिंक में देखिये पाकिस्तान के बालाकोट दौरा कर चुकी इटालियन पत्रकार फ्रांसेस्का मरीनो क्या कह रही हैं



फ्रांसेस्का बालाकोट में जा चुकी है, उन्होंने बताया की वहां उन्होंने एक प्रत्यक्षदर्शी से बात की जिसने कम से कम 35 शवों को देखा जो की निकाले गए थे

उन्होंने ये भी बताया की जहाँ पर भारत ने एयर स्ट्राइक किया था उस इलाके को पाकिस्तानी सेना ने तुरंत ही सील कर दिया था ताकि वहां की जानकारियां बाहर न जाए

फ्रांसेस्का ने 35 का आंकड़ा सिर्फ 1 शख्स से बात करके दिया, जो की बालाकोट में ही मौजूद था, भारतीय सेना 300 से ज्यादा की बात कर चुकी है

आपको बता दें की 1 मार्च को पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था की – मसूद अजहर पाकिस्तान में ही है, पर वो बहुत बीमार है

और आज खबर पाकिस्तान से ये आई की मसूद अजहर अब इतना बीमार है की उसका किडनी फेल हो गया है, और उसका इलाज रावलपिंडी में चल रहा है

पहले आप इन 2 चीजों को देख लीजिये

पहले देखिये CNN से बात करते हुए पाकिस्तान का विदेश मंत्री क्या कह रहा है


महमूद कुरैशी ने कहा की मसूद अजहर बहुत ज्यादा बीमार है, और आज ये खबर देखिये


आज पाकिस्तान बता रहा है की मसूद अजहर भयानक बीमार है और उसका किडनी का इलाज रावलपिंडी में चल रहा है


यहाँ पाकिस्तान पहले कह रहा था की मसूद अजहर बीमार है, और अब वो अस्पताल भी पहुँच गया, उसे कोई देख नहीं सकता, क्यूंकि अब वो है ही नहीं, मसूद अजहर को भारतीय सेना ने ऊपर पहुंचा दिया है, और पाकिस्तान कितना भी छिपा ले, जल्द सबके सामने ये तथ्य आ जायेगा, पाकिस्तान बस अब ये नाटक करने में लगा है की मसूद अजहर बीमार थे और बीमारी से अस्पताल में चल बसे


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