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Friday, February 15, 2019

पुलवामा हमला: भारत ने पाकिस्तान से वापस लिया मोस्ट फेवरेट नेशन का दर्जा, पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति अब और होगी बदहाल

पाकिस्तान अब भारत के लिये व्यापार के लहजे से सबसे पसंदीदा देश नहीं रहा है, पुलवामा के आतंकी हमले के मद्देनजर, भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान से 'सबसे पसंदीदा राष्ट्र' का दर्जा छीन लिया ।

यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में CCS की बैठक में लिया गया था। एनएसए अजीत डोभाल, निर्मला सीतारमण, राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली ने भी स्थिति का जायजा लेने के लिए बैठक में भाग लिया।

पुलवामा हमले से पहले, इंटेल ने जम्मू-कश्मीर में सीरिया-शैली के हमले की चेतावनी दी थी, लेकिन जम्मू कश्मीर प्रशासन और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों से इस हमले को रोक पाने में चूक हो गई ।

आतंकी हमले की जांच में जम्मू-कश्मीर पुलिस की सहायता के लिए NSG, NIA टीम मौके पर पहुच चुकी हैं ।


वहीं राजनेताओं का हमले की निंदा करने का दौर भी शुरू हो चुका है हालांकि इस मौके पर सबने एकजुट होने की बात कही है ।, वहीं इस हमले में कांग्रेस ने मोदी की आलोचना की है ।

उरी के बाद हुये सबसे खतरनाक हमले में, भारत ने 40 सीआरपीएफ जवानों को खो दिया

कुछ दिनों पहले मारे गए छह आतंकवादियों में जाकिर मूसा का करीबी सहयोगी व जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया। एक आत्मघाती कार हमलावर ने बस में टक्कर मारी जिसमे लगभग 40 सैनिकों ने अपनी जान गंवा दी। इस हमले की भारत और अन्य देशों में भी सभी ने निंदा की थी।

समझिये "मोस्ट फेवरेट नेशन" क्या है ?

1996 में पाकिस्तान को एमएफएन का दर्जा दिया गया, जिसने यह सुनिश्चित किया कि यह भारत के अन्य व्यापारिक भागीदारों की तुलना में पाकिस्तान को व्यापार में ज्यादा लाभ मिल सके । जिसके कारण पाकिस्तान से व्यापार करने पर भारत द्वारा सबसे कम व्यापार शुल्क लगाया ज्याता है और क़ाफी रियायते भी दी जाती हैं । 

हालांकि यह एकतरफा सौदा था क्योंकि पाकिस्तान ने विश्वास और सीमा संघर्ष की कमी का हवाला देते हुए भारत को कभी MFN का दर्जा नहीं दिया था।

इससे पहले, सुब्रमण्यम स्वामी सरकार से MFN का दर्जा वापस लेने की बात कर चुके हैं ।

इस वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनकी पार्टी "पाकिस्तान को अलग थलग करने और मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम" है ।

एक टीवी बहस के दौरान, स्वामी ने सिंधु जल संधि पर पुनर्विचार करने के बारे में भी कहा और कहा कि यह कार्य करने का समय है।

विशेष रूप से, उन्होंने कहा कि भाजपा ने कश्मीर में आतंकी हमलों को विभिन्न तरीकों से विफल करनेका प्रयास किया है।

वहीं हमले पर बोलते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि इस हमले पर कार्रवाई की जाएगी ।

वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के दौरान, पीएम मोदी ने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में लरकारा ।

उन्होंने कहा कि "पड़ोसी देश को यह नहीं मान लेना चाहिए कि ऐसा करके वह भारत को अस्थिर कर पायेगा, पाकिस्तान के ये मंसूबे कभी कामयाब नही होंगे । आतंकवादियों और उनके आकाओं ने एक बड़ी गलती की है और इसका उन्हें भुगतान करना होगा,

इस मौके पर भारत का समर्थन करने के लिए अन्य राष्ट्रों को उन्होंने धन्यवाद भी दिया ।

उन्होंने आगे कहा कि "पड़ोसी देश अपनी कुख्यात योजनाओं में कभी सफल नहीं होगा। उन्होंने पाकिस्तान को याद दिलाया कि ग्लोब में उसकी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है और उसे इस तरह की कृत्यों पर रोक लगानी चाहिए।"

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि राजनेताओं को इस मुद्दे पर विभाजित नहीं होना चाहिए। मतभेदों को एक तरफ रखा जाना चाहिए और आतंकवाद से लड़ने के लिए लोगों को हाथ मिलाना चाहिए।

वहीं MEA ने आतंकवाद को प्रोत्साहित करने के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराया, हमले के बाद, विदेश मंत्रालय (MEA) ने ऐसे हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादी संगठनों की मदद करने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की।

MFA ने  अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को JM के सरगना मसूद अजहर को अतंराष्ट्रीय आतंकवादी के रूप में नामित करने का भी आह्वान किया।

वही पाकिस्तान ने अपने आपको  इस हमले से अलग कर लिया है, उसने कहा है कि वो इसमें शामिल नहीं था। अपने एक बयान में, पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया।

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