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Tuesday, February 19, 2019

ईरान: 27 जवानो को शहीद करने वाला भी निकला पाकिस्तानी, हमले में पुलवामा पैटर्न का किया था इस्तेमाल


जिस आत्मघाती हमलावर ने पिछले हफ्ते हमले को अंजाम दिया था, जिसमें ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के 27 सदस्य मारे गए थे वो हमलावर एक पाकिस्तानी नागरिक था।

"इस आत्मघाती हमलावर का नाम हाफ़िज़ मोहम्मद-अली था और वह पाकिस्तान से था," ऐसा गार्ड्स ग्राउंड फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद पाकपोर ने एक समाचार एजेंसी के हवाले से ये जानकारी दी ।

13 फरवरी को हुए आत्मघाती बम धमाकों में पाकिस्तान के सीमावर्ती दक्षिण-पूर्वी प्रांत सिस्तान-बलूचिस्तान में एक बस पर 27 गार्ड मारे गए थे।

जनरल ने कहा कि हमले की जांच में पाया गया कि एक विस्फोटक से भरी कार को बड़ी सूझभुझ के साथ एक बस के बगल में विस्फोट कराया गया। उन्हीने कहा कि "दो दिन पहले ही एक महिला की पहचान की गई थी और उसे गिरफ्तार किया गया था, और इस महिला के माध्यम से, हम दूसरों तक पहुंच गए," ।

आत्मघाती हमलावर के अलावा, एक संदिग्ध साथी भी पाकिस्तानी ही था।

पाकपोर ने कहा कि हमले की योजना मूल रूप से ईरान की इस्लामी क्रांति की 40 वीं वर्षगांठ के जश्न के दौरान हमला करने के उद्देश्य से 11 फरवरी को बनाई गई थी। जिसके लिये सुरक्षा बलों को उस दिन "पूरी तरह से तैयार" किया गया था ।

तेहरान के अनुसार एक जिहादी समूह, जैश अल-अदल जो  पाकिस्तान में ज्यादातर ठिकानों से संचालित होता है, ने हमले की जिम्मेदारी ली। ईरान में जिहादियों की घुसपैठ कराने के पीछे पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी है।

जैश अल-अदल 2012 से काम कर रहा है, उसके माता-पिता के आतंकी संगठन जुंदुल्लाह के नेता अब्दोलमलेक रिगी को 2010 में ईरान द्वारा पकड़ लिया गया था ।

जब देश ने 1979 की ईरानी क्रांति के 40 साल पूरे होने का जश्न मना रहा था तब बुधवार को किये गए इस हमले को ईरान के सुरक्षा बलों पर किए गए सबसे घातक हमलों में से एक माना जा रहा है ।, 

हाल के दिनों में एक आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान पर आरोप लगाने वाला ईरान दूसरा देश है। पिछले हफ्ते, भारत में पुलवामा जिले में जब आतंक फैल गया जब सीआरपीएफ जवानों को ले जा रहे 70 वाहनों के काफिले पर IED ब्लास्ट हुआ, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे । पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली

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